बहुविकल्पीय प्रश्न (उत्तर सहित) - पृष्ठ 114
1. निम्नलिखित चार वाक्यों में तीन त्रुटिपूर्ण हैं। त्रुटिरहित वाक्य छाँटकर उसे चिह्नित करें।
मैं सारी रात भर जागता रहा।
मैं पूरी रात भर जागता रहा।
. मैं सारी रात जागता रहा।
मैं पूरी रात में जागता रहा।
2. निम्नलिखित वाक्यों में कौन-सा वाक्य शुद्ध है?
भीड़ में चार जयपुर के व्यक्ति थे।
वह सारे गुप्त रहस्य प्रकट कर देगा।
वह सब लोग भले हैं।
मनुष्य ईश्वर की उत्कृष्टतम कृति है।
3. मुझे/रेलगाड़ी में यात्रा करना/अच्छी लगती है/कोई त्रुटि नहीं त्रुटि की पहचान कीजिए-
रेलगाड़ी में यात्रा करना
मुझे
कोई त्रुटि नहीं
अच्छी लगती है
4. शुद्ध वाक्य का चयन करें।
इसके एकमात्र दो कारण हो सकते हैं।
तूफान आने का सन्देह है
अनेक निरपराध दण्ड के भागी हुये।
माता-पिता की शुश्रूषा करनी चाहिए।
5. अपने-अपने किताबें/बस्ते में डाल लो/कोई त्रुटि नहीं। इस वाक्य में त्रुटि है-
अपने-अपने किताबें
बस्ते में
डाल लो
कोई त्रुटि नहीं
6. लिखित वाक्यों में से शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए।
वह विदुषी महिला थी वह।
वह एक विद्वान महिला थी।
वह एक विदुषी महिला थी।
वह एक महिला विद्वान थी।
7.
8. 'मैंने विद्यालय जाना है'। वाक्य में अशुद्ध अंश है-
है।
विद्यालय
मैंने
जाना
9. प्रलाप/विलाप प्रलाप का आशय है व्यर्थ की बकवास या बड़बड़ करना; किन्तु विलाप का आशय है-
आँसुओं से सबको धो डालना
रो-रोकर दुःख कहना
जोर-जोर से रोना
रोने की आवाज सुनाई देना
10. ईर्ष्या/द्वेष ईर्ष्या-दूसरे के उत्कर्ष को न देख सकने या सुनने की बुद्धि; किन्तु द्वेष का आशय है-
घृणा करना
घृणा समभाव से करना
घृणावश या शत्रुतावश किसी का विरोध करने का स्थायीभाव
घृणा द्वेष के साथ करना
11. आदरणीय का अर्थ है अपने से बड़ो के प्रति सम्मान, वहीं पूज्य का अर्थ-
पिता की आज्ञा मानना
माता, पिता, अग्रज एवं गुरुजनों के प्रति सम्मान पूर्वक आचरण
सबका सम्मान करना
किसी की अवमानना न करना
12. अपराध का अर्थ है कानून की निगाह में दुष्कृति; किन्तु पाप का आशय है-
धार्मिक एवं ईश्वरीय नियमों की दृष्टि में की गयी दुष्कृति
एक जघन्य अपराध
अनिष्ठ कार्य करना
एक प्रकार का अपराध जिसकी उपेक्षा सर्वत्र हो
